Chandra Grahan Kyon Lagta Hai, Chandra Grahan kya hai
चंद्रग्रहण उस खगोलीय स्थिति को कहते है जब चंद्रमा पृथ्वी के ठीक पीछे उसकी प्रच्छाया में आ जाता है ऐसा तभी हो सकता है जब सूर्य, पृथ्वी और चन्द्रमा इस क्रम में लगभग एक सीधी रेखा में अवस्थित हों। इस ज्यामितीय प्रतिबंध के कारण चंद्रग्रहण केवल पूर्णिमा को घटित हो सकता है, चंद्रग्रहण का प्रकार एवं अवधि चंद्र आसंधियों के सापेक्ष चंद्रमा की स्थिति पर निर्भर करते हैं। चांद के इस रूप को ‘ब्लड मून’ भी कहा जाता है। चंद्र ग्रहण शुरू होने के बाद ये पहले काले और फिर धीरे-धीरे सुर्ख लाल रंग में तब्दील होता है।
किसी सूर्यग्रहण के विपरीत, जो कि पृथ्वी के एक अपेक्षाकृत छोटे भाग से ही दिख पाता है, चंद्रग्रहण को पृथ्वी के रात्रि पक्ष के किसी भी भाग से देखा जा सकता है। जहाँ चंद्रमा की छाया की लघुता के कारण सूर्यग्रहण किसी भी स्थान से केवल कुछ मिनटों तक ही दिखता है, वहीं चंद्रग्रहण की अवधि कुछ घंटों की होती है। इसके अतिरिक्त चंद्रग्रहण को, सूर्यग्रहण के विपरीत, आँखों के लिए बिना किसी विशेष सुरक्षा के देखा जा सकता है, क्योंकि चंद्रग्रहण की उज्ज्वलता पूर्ण चंद्र से भी कम होती है।
Chandra Grahan 2020 In India
साल 2020 में चन्द्र ग्रहण की घटना कुल 4 बार घटित होगी। 10 जनवरी के बाद अगला चन्द्र ग्रहण 5 जून को होगा। इसके बाद 5 जुलाई और फिर 30 नवंबर 2020 को चन्द्रग्रहण की अदभुत घटना घटित होगी।
2020 का पूर्ण चन्द्रग्रहण कब होगा
2020 का अंतिम चन्द्रग्रहण पूर्ण चन्द्रग्रहण होगा। हालांकि इस चन्द्रग्रहण को भारत से नहीं देखा जा सकेगा। यह चन्द्रग्रहण दक्षिण अमेरिका के कुछ स्थानों से दिखाई देगा।
चन्द्रग्रहण के समय क्या नहीं करना चाहिए
हिंदू शास्त्रों के मुताबिक चन्द्रग्रहण के समय किसी को भी सोना, कंघा करना, ब्रश करना, बाहर जाना और चांद को नहीं देखना चाहिए। ऐसा करना अशुभ माना जाता है। हालांकि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो ऐसा करने में कोई हानि भी नहीं है।
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